मात्र 500 से 700 रुपए में मिलेगी कोरोना किट, एक महीने में बाजार में होगी मौजूद - Businessvistar.com

Header Ads

Breaking News

मात्र 500 से 700 रुपए में मिलेगी कोरोना किट, एक महीने में बाजार में होगी मौजूद

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की जांच और किट को लेकर बड़ी खबर आई है। ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया की ओर से देश और विदेश की 18 कंपनियों को कोरोना वायरस की टेस्टिंग की परमीशन दे दी है। वहीं इन कंपनियों में से अधिकतर ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की ओर से टेस्टिंग की परमीशन मांगी है। मंजूरी मिलने के बाद कोरोना वायरस की टेस्टिंग किट एक महीने में कमर्शियली मार्केट में मौजूद होगी। खास बात तो ये है कि इस टेस्ट की कीमत एक हजार रुपए से कम होगी।

यह भी पढ़ेंः- सरकार की ओर से आम जनता को बड़ी राहत, अब यह होंगी मास्क और सैनिटाइजर की रिटेल कॉस्ट

500 रुपए से 700 रुपए तक हो जाएगा टेस्ट
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार डीजीसीआई और पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वीरोलॉजी से परमीशन के बाद त्रिविट्रॉन हेल्थेकयर कॉमर्शियली कोरोना वायरस का टेस्ट किट बेच पाएगी। अगले 3 से 4 सप्ताह के बीच में कोरोना वायरस किट मार्केट में मौजूद होगी। जिसकी कीमत 500 रुपए से 700 रुपए के बीच होगी। त्रिविट्रॉन हेल्थेकयर के अनुसार यह पीसीआर प्लेटफॉर्म पर डिपेंड करेगा कि एक लैब में 100 से 1000 से टेस्ट प्रतिदिन किए सके। पीसीआर प्लेटफॉर्म वायरस टेस्टिंग के लिए एक तरह का गोल्ड टेस्टिंग प्लेटफॉर्म है। वहीं रोशे डायग्नोस्टिक इंडिया को लाइसेंस मिलने का इंतजार है। इस कंपनी को सार्स, कोबास और कोव 2 की टेस्टिंग का लाइसेंस मिल चुका है।

यह भी पढ़ेंः- Coronavirus टेस्टिंग लैब और अस्पताल की जानकारी देगा MapmyIndia Maps

3 घंटे में मिल जाएगी रिपोर्ट
मिडिया रिपोर्ट के अनुसार प्राइवेट कंपनियों का कहना है जो किट बाजार में उससे जांच करने के बाद आपको दो से तीन दिनों का इंतजार करने की जरुरत नहीं होगी, बल्कि दो से तीन घंटों में रिपोर्ट सामने आ जाएगी। ताकि कोरोना वायरस पॉजिटिव आता है तो उसका इलाज जल्द से जल्द किया जा सके। प्राइवेट कंपनियों द्वारा तैयार की गई किट को डॉ. लाल पैथ लैब्स, एसआरएल डायग्नोस्टिक एंड मेट्रोपॉलिस हेल्थकेयर जैसे टेस्टिंग सेंटर्स को बेचा जाएगा। जिसके बाद कम्युनिटी लेवल पर इस वायरस की जांच की जा सकेगी। बता दें कि गुरुवार को आईसीएमआर ने 51 लैबोरेटरीज को नॉवल कोरोना वायरस की टेस्टिंग के लिए बुलाया था।

यह भी पढ़ेंः- शेयर मार्केट को संभालने के लिए SEBI ने शॉर्ट सेलिंग नियमों को बदला, 23 मार्च से लागू होंगे नए नियम

सरकारी लैब की क्षमता को बढ़ाने की तैयारी
वहीं दूसरी ओर सरकार सरकारी इंतजामों ओर अपने लैब की क्षमताओं को बढ़ाने में भी जोर दे रही है। आंकड़ों के अनुसार सरकार अब टेस्टिंग क्षमता को 121 करने की तैयारी कर रही है। जिसे मौजूदा सप्ताह में पूरा करने का दावा किया जा रहा है। जिसमें मौजूदा 72 लैब्स के अलावा 49 अन्य लैब भी शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर आईसीएमआर की ओर से प्राइवेट लैब्स को कोरोना की टेस्टिंग को लेकर गाइडलाइंस और स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसिजर भी जारी किया है। प्राइवेट लैब में उन लोगों का टेस्ट होगा जिनके पास फिजिशियन का प्रिस्क्रिप्शन होगा। सभी सेंटर्स को बायो सेफ्टी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। अगर कोई पॉजिटिव पाया जाता है तो उसकी जानकारी स्टेट के और इंटीग्रेटेड डीजिज सर्विलांस प्रोग्राम को भी देनी होगी।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3bdihD2

No comments