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स्ट्राइक रेट के सवाल पर चेतेश्वर पुजारा ने कहा- अब सहवाग या वॉर्नर तो नहीं बन सकता

खेल डेस्क. टेस्ट के स्पेशलिस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि स्ट्राइक रेट को लेकर उनकी आलोचना सही नहीं है। उन्होंने न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में यह बात कही। पुजारा ने साफ किया कि टीम मैनेजमेंट मेरी बल्लेबाजी शैली की अहमियत जानता है। इसलिए मुझे हमेशा उनका समर्थन मिलता है। टी-20 के दौर में पुजारा स्ट्राइक रेट की परवाह किए बगैर क्रीज पर टिके रहने को महत्व देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि मैं डेविड वॉर्नर या वीरेंद्रसहवाग नहीं बन सकता। लेकिन अगर कोई सामान्य बल्लेबाज क्रीज पर समय ले रहा है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।’’

पुजारा ने आगे कहा, ‘‘लोग मुझसे बड़ी पारी की उम्मीद करते हैं। मैं हमेशा खुद के सामने शतक लगाने की चुनौती रखता हूं। लेकिन टेस्ट में 50 के करीब के औसत का मतलब है कि आपने लगभग हर दूसरी पारी में 50 के आसपास रन बनाए। मैं हमेशा अपने लिए ऊंचे पैमाने तय करता हूं और मैं सीजन में अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हूं। लेकिन मैं इसे बुरा भी नहीं कह सकता हूं।’’ इस बल्लेबाज ने मौजूदा सीजन में 5 अर्धशतक लगाए। इसमें एक न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में था। यह अलग बात है कि वह इस दौरान अपने 18 शतकों की संख्या में इजाफा नहीं कर सके।

पुजारा ने कहा- टीम में मेरी स्ट्राइक रेट को लेकर बात नहीं होती
पिछले हफ्ते रणजी ट्रॉफी के फाइनल में बंगाल के खिलाफ 237 गेंदों पर 66 रन बनाने पर भी उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया था। जबकि उन्होंने बुखार के बावजूद अर्पित वसावदा के साथ साझेदारी कर सौराष्ट्र को पहली पारी में बढ़त दिलाई, जो टीम को पहली बार रणजी चैम्पियन बनाने के काम आई। पुजारा ने इस आलोचना पर कहा कि मुझे नहीं लगता कि टीम के अंदर इसको लेकर ज्यादा बात होती है। मीडिया में इसका विश्लेषण अलग तरह से होता है, लेकिन टीम मैनेजमेंट इस मामले में पूरी तरह से मेरा साथ देता है।

मुझ पर किसी तरह का दबाव नहीं होता : पुजारा
अब तक 77 टेस्ट मैचों में 48.66 की औसत से रन बनाने वाले पुजारा ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जब स्ट्राइक रेट की बात आती है तो लोग टीम मैनेजमेंट की राय की बात करने लगते हैं। लेकिन मुझ पर किसी तरह कोई दबाव नहीं होता है। इस बल्लेबाज ने कहा कि सोशल मीडिया पर रणजी फाइनल के दौरानसवाल किया गया कि मैं इतने रन बनाने के लिए ज्यादा समय क्यों ले रहा हूं। मैंने ऐसी बातों पर ध्यान नहीं दिया,मेरा काम टीम की जीत तय करना है। लोगों की एक व्यक्ति पर उंगली उठाने की आदत होती है। लेकिन यह केवल मुझ तक सीमित नहीं है। अगर आप किसी भी टेस्ट सीरीज पर गौर करें, जहां मैंने थोड़ा अधिक समय लेकर रन बनाए हों, वहां विरोधी टीम के बल्लेबाजों ने भी उतनी ही अधिक गेंदेंखेली हैं।



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चेतेश्वर पुजारा ने 77 टेस्ट में 48.67 की औसत से 5840 रन बनाए हैं। (फाइल)


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